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"क्या एक मामूली सा व्हाट्सएप मैसेज आपकी पूरी ज़िंदगी बदल सकता है? रवि वर्मा, एक ईमानदार स्कूल टीचर, की शांति से भरी दुनिया तब तहस-नहस हो जाती है जब मोहल्ले के ग्रुप में उसके नाम का एक 'अरेस्ट वारंट' वायरल हो जाता है। समाज के ताने, अपनों का डर और पुलिस का खौफ—सब कुछ एक साथ उस पर टूट पड़ता है। लेकिन क्या वह कागज़ असली था? पढ़िए एक आम आदमी के खौफ और कानूनी सच्चाई की यह सस्पेंस से भरी कहानी। जानिए अरेस्ट वारंट और पुलिस नोटिस (Section 41A CrPC) के बीच का असली फर्क, और समझिए कि कैसे कानून की सही जानकारी आपको किसी भी 'फेक न्यूज़' के जाल से बचा सकती है। क्योंकि डर अक्सर कानून से नहीं, कानून की अधूरी जानकारी से पैदा होता है।"
कटघरे में खड़े एक व्यक्ति ने अपने हर अपराध को 'मेरा मौलिक अधिकार' कहकर जायज़ ठहराने की कोशिश की। लेकिन जज के एक फैसले ने साबित कर दिया कि संविधान आपको अधिकार ज़रूर देता है, लेकिन कानून तोड़ने का लाइसेंस नहीं। जानिए आपके अधिकारों की 'लक्ष्मण रेखा' कहाँ खींची गई है।
क्या होता है जब एक आम और शरीफ इंसान अपने एक पल के गुस्से (Road Rage) के कारण जेल की सलाखों के पीछे पहुँच जाता है? एक क्रिमिनल लॉयर की डायरी से पढ़िए 'जेल के अंदर की पहली रात' की वह खौफनाक सच्चाई, जो आपको अपराध और उसकी भयानक कीमत के बारे में सोचने पर मजबूर कर देगी।